


आखिर क्यों नाराज हैं पार्षद और सभापति
नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर बीते दिनों से करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों क्रय विक्रय और व्यय पर हुए भ्रष्टाचार को लेकर जहां अध्यक्ष की कार्यप्रणाली को पार्षदगण पचा नहीं पा रहे हैं। वहीं छपारा नगर की आम जनता भी इन भ्रष्टाचारियों के कारनामों को देख रही है।
22 सितंबर 2025 को जबलपुर पहुंचकर संयुक्त संचालक को सभी 13 पार्षदों ने लिखित ज्ञापन देकर यह बताया है, कि पूर्व में पदस्थ सीएमओ श्यामगोपाल भारती अच्छे थे। सबका ख्याल रखते थे लेकिन सत्ता पक्ष की अध्यक्ष ने अपनी हठधर्मिता और स्वार्थ पूर्ति न होने के कारण सत्ता राजनीति का सहयोग लेकर उनका स्थानांतरण करवा दिया। वहीं अब 13 पार्षदों ने पुराने सीएमओ को छपारा पुनः वापस बुलाने के लिए के लिए ज्ञापन सौंपा दिया है।
सभी 13 पार्षदों ने अपने ज्ञापन में बताया है कि प्रभारी सीएमओ गीता बाल्मीकि का व्यवहार ठीक नहीं है। जनप्रतिनिधियों का कोई सम्मान नहीं किया जाता और न ही आम जनता की वह सुनती हैं। इस बात को लेकर के भी सभी पार्षद प्रभारी सीएमओ गीता बाल्मीकि पर नाराज है। पूरे मामले पर यह निष्कर्ष निकलता है कि सभी पार्षद सभापति और अध्यक्ष,उपाध्यक्ष अपने अपने तरीके से नगर परिषद में भ्रष्टाचार को अंजाम देना चाहते हैं जो वर्तमान में नवागत सीएमओ प्रभारी गीता बाल्मीकी के आने से रुक गया है। श्यामगोपाल भारती को वापस बुलाने की मंशा जाहिर की जा रही है।











